एक रंग था ,,एक जोश था
एक रंग था
एक जोश था
दीवानगी थी जूनून था
सब टूटता सा है जा रहा
सब छूटता सा है जा रहा
बस धुआं धुआं सी है ज़िन्दगी
बड़ी उलझी उलझी रुकी रुकी
जिन आँखों में कभी आग थी
वो बुझी बुझी हैं झुकी झुकी
वो तनी सी मुट्ठियाँ
कभी दौड़ती थीं जो बिजलियाँ
कही खो गयी
चुप हो गयी आवाज़ वो
जिनमे बला की आग थी
जिसमे था इतना हौसला
कि आशमा दहशत में था
है अब वो खुद दहशतजदा
ये क्या हुआ
एक रंग था
एक जोश था
दीवानगी थी जूनून था
एक जोश था
दीवानगी थी जूनून था
सब टूटता सा है जा रहा
सब छूटता सा है जा रहा
बस धुआं धुआं सी है ज़िन्दगी
बड़ी उलझी उलझी रुकी रुकी
जिन आँखों में कभी आग थी
वो बुझी बुझी हैं झुकी झुकी
वो तनी सी मुट्ठियाँ
कभी दौड़ती थीं जो बिजलियाँ
कही खो गयी
चुप हो गयी आवाज़ वो
जिनमे बला की आग थी
जिसमे था इतना हौसला
कि आशमा दहशत में था
है अब वो खुद दहशतजदा
ये क्या हुआ
एक रंग था
एक जोश था
दीवानगी थी जूनून था
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