प्रभु जी
तुम कैसे प्रोफेसर
तुम हम को समझत शिकार
हम जानत तुम हो गोली
ट्यूसन के हित बोलत हो तुम
हमसे मीठी बोली
फिर हु हम जो पढ़त न तुमसों
अंक करत हैं ठिठोली
हार मानि के कहत हैं हम
प्रभु तुम हमरे परमेश्वर
प्रभु जी तुम कैसे प्रोफेसर
हमरे धन पर डालत डाका
करत हो मुश्किल जीना
हम जानत हैं गुरूजी तुम को
तुम होबड़े कमीना
तुम खुद को हो कहत देव
हम जानत तुम रजनीचर
प्रभु जी तुम कैसे प्रोफेसर
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