सुदर्शन पटनायक जो की एक विश्व प्रसिद्द रेत की कलाकृतियां बनाने वाले कलाकार हैं की कलाकृति के सामने तस्वीर खिचवाते समय मैं ये सोच रहा था की सैफई महोत्सव न होता तो क्या साधारण ग्रामीण जन अपनी आँखों से देख पाते उन व्यक्तित्वों से जिन्हे सिर्फ टेलीविजन या अख़बारों में देख पाते हैं , प्रसिद्द खिलाडियों के मैच ,,,,सिनेमा के परदे के सितारों को । मुझे नहीं लगता की किसी को भी आपत्ति होनी चाहिए ग्रामीण जनता को हक़ है की उन सब चीजों से परिचित होने का जो सिर्फ राजधानियों और बड़े शहरों में ही केंद्रित हो चुके हैं। सैफई महोत्सव न सिर्फ इन सब चीजो को ग्रामीण जनता के समक्ष ला रहा है बल्कि स्थानीय जनता को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है।

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