होंगे आप बहुत बड़े विद्वान परन्तु आपकी समस्त शिक्षण सिद्धांतों का सीधा सीधा अंत हो जाएगा जब आपको पता चलेगा कि आपकी कक्षा के दो बालक इसलिए विद्यालय नही आ रहे थे क्युकि वे अपने पिता के साथ भीख मांगने जाते हैं जिस से वे दो वक़्त की रोटी खा सकें। कुछ इसलिए नहीं आते क्युकी वे विद्यालय के समय में दूसरे खेत में आलू बीनते हुए मजदूरी करते हैं जिस से परिवार की आय में कुछ वृद्धि हो सके। कई बालिकाएं इस लिए विद्यालय नही आतीं क्युकि उनके माँ बाप मजदूरी करने गए हैं और उन्हें अपने छोटे भाई बहनो की देख रेख करनी है। पहले इस भूख के गणित को तो समझ लो फिर गढ़ना अपने शिक्षण के सिद्धांत। अन्यथा ये सभी सिद्धियाँ निष्प्रभावी होंगी।
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