भगवान बुद्ध के पास एक व्यक्ति आया और बोला "मैं सुख चाहता हूँ " बुद्ध मुस्कुराए बोले पहले अपने बोले हुए वाक्य से " मैं " हटा दे ये तेरा अहंकार है। फिर" चाहता हूँ" हटा ये इच्छा है और अब देख जब तेरा अहंकार और इच्छा हट गयी तो जो बचा वह " सुख " ही तो है।
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